भारत का रक्षा क्षेत्र केवल देश की सुरक्षा का ही आधार नहीं है, बल्कि आर्थिक विकास का भी एक मजबूत स्तंभ है। 2025 में, भारत का रक्षा बजट ₹6.81 लाख करोड़ ($78 बिलियन) तक पहुंच गया है, जिससे हम दुनिया के शीर्ष 3 सैन्य खर्च करने वाले देशों में शामिल हो गए हैं। 1.44 मिलियन से अधिक सक्रिय कर्मियों और 75+ देशों को रक्षा निर्यात के साथ, भारत अपने आधुनिकीकरण और आत्मनिर्भरता के लक्ष्यों को पूरा करने की ओर बढ़ रहा है। इसी बीच, जर्मनी जैसे देश भी अपने रक्षा खर्च को लेकर बड़े कदम उठा रहे हैं, जिसका असर भारतीय रक्षा क्षेत्र पर भी देखने को मिल रहा है।

जर्मनी का रक्षा प्रयास
जर्मनी के विधायकों ने एक बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने रक्षा और बुनियादी ढांचे के लिए अरबों यूरो के ऋण वित्तपोषण को मंजूरी दी है। साथ ही, उन्होंने रक्षा खर्च को सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 1% से अधिक होने पर ऋण सीमा से छूट देने की योजना बनाई है। जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने इसे “यूरोपीय रक्षा गठबंधन” को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है, जिसमें यूके और नॉर्वे जैसे गैर-यूरोपीय संघ देश भी शामिल होंगे। यूरोप के कई देश अब “रीआर्म यूरोप” पहल के साथ अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत कर रहे हैं, ताकि रूस जैसे संभावित खतरों का सामना किया जा सके।
भारत का रक्षा निर्यात
भारत का रक्षा निर्यात क्षेत्र भी लगातार विकास कर रहा है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में, रक्षा निर्यात 32.5% बढ़कर ₹21,000 करोड़ तक पहुंच गया है, और अब हम 100+ देशों को अपने रक्षा उत्पादों की आपूर्ति कर रहे हैं। अमेरिका, फ्रांस और आर्मेनिया भारत के शीर्ष खरीदार हैं। अक्टूबर 2024 के पीआईबी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह विकास भारत की “मेक इन इंडिया” और “आत्मनिर्भर भारत” पहलों का एक स्पष्ट प्रमाण है।
रक्षा क्षेत्र में स्टॉक्स
2024 में, रक्षा क्षेत्र के स्टॉक्स में 30-60% तक की गिरावट देखी गई थी, लेकिन अब ये स्टॉक्स वापस रिकवरी मोड में हैं। जर्मनी के रक्षा खर्च में वृद्धि ने कुछ भारतीय रक्षा स्टॉक्स को 20% तक बढ़ने में मदद की है। नीचे दी गई तालिका में कुछ शीर्ष प्रदर्शन करने वाले स्टॉक्स दिखाए गए हैं:
कंपनी का नाम | वर्तमान मूल्य (₹ में) | वृद्धि (%) |
---|---|---|
माजगांव डॉक लिमिटेड | 2,625.75 | 10.49 |
भारत डायनामिक्स लिमिटेड | 1,198.45 | 7 |
कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड | 1,462.75 | 9.09 |
गार्डन रीच शिपबिल्डर्स लिमिटेड | 1,641.35 | 20 |
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड | 3,745.30 | 5 |
परास डिफेंस एंड स्पेस टेक लिमिटेड | 952.70 | 5.26 |
गार्डन रीच शिपबिल्डर्स लिमिटेड के शेयर में 20% तक की वृद्धि हुई है, जो सबसे अधिक है। माजगांव डॉक और कोचीन शिपयार्ड भी 10% के आसपास की वृद्धि दिखा रहे हैं।
आगे की राह
भारत का रक्षा क्षेत्र केवल देश की सुरक्षा के लिए ही नहीं, बल्कि आर्थिक विकास और वैश्विक प्रभाव बढ़ाने के लिए भी एक मजबूत माध्यम है। जर्मनी जैसे देशों के रक्षा खर्च में वृद्धि से भारतीय रक्षा क्षेत्र को भी लाभ मिल रहा है। यह क्षेत्र न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत कर रहा है, बल्कि देश के आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। इसलिए, इस क्षेत्र पर नजर बनाए रखना जरूरी है, क्योंकि यह सेक्टर अभी और भी ऊंचाइयों को छू सकता है!
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